कमीशन वृद्धि एवं अन्य मांगों को लेकर महिला स्वयं सहायता समूह पीडीएस विक्रेता आंदोलन की राह पर


नीमच कमीशन में उचित वृद्धि नहीं हुई तो 1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक राशन वितरण बंद कर पोस मशीनें बंद रखने को मजबूर होंगी महिला पीडीएस विक्रेता

मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में संयुक्त संगठन के साथ मिलकर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकानों की समस्याओं एवं लंबित मांगों के निराकरण को लेकर संगठन द्वारा प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी की जा रही है।

महिला स्वयं सहायता समूह संगठन मध्यप्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती माया -मनोहर बैरागी ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों को राशन दुकानों के संचालन का कार्य दिया गया है। 

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि महिला समूहों को जब उचित मूल्य दुकानें आवंटित की गई थीं, उस समय ₹10,500 प्रतिमाह कमीशन निर्धारित होने की जानकारी के आधार पर समूहों ने दुकान संचालन की जिम्मेदारी स्वीकार की थी। संगठन का आरोप है कि बाद में कमीशन में कटौती कर200 से ऊपर राशन कार्ड धारकों वाली दुकानों को लगभग ₹8,500–₹ 200 से कम राशन कार्ड की दुकान संचालक को5500 प्रतिमाह कमीशन कर दिया गया, जिससे महिला विक्रेताओं के सामने आर्थिक कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं। 

संगठन का कहना है कि उचित मूल्य दुकान संचालन में दुकान का किराया, बिजली बिल, स्टेशनरी, उपकरणों की देखरेख सहित अनेक खर्च जुड़े हैं। 

महिला पीडीएस विक्रेताओं की प्रमुख मांगें

1. उचित मूल्य दुकान का निर्धारित कमीशन पुनः ₹10,500 प्रतिमाह किया जाए तथा उसमें उचित वृद्धि की जाए।

2. सेवा सहकारी समितियों की दुकानों के विक्रेताओं के लिए घोषित अतिरिक्त कमीशन का लाभ महिला स्वयं सहायता समूहों की पीडीएस विक्रेताओं को भी दिया जाए तथा किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए।

3. राशन दुकान पर माल प्राप्त होने एवं वितरण के दौरान होने वाली घटती की समस्या का उचित समाधान किया जाए तथा निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।

4. प्रत्येक राशन दुकान पर सहायक तौलकर्मी/तोलने वाले कर्मचारी की व्यवस्था की जाए और उसके लिए अलग से मानदेय निर्धारित किया जाए।

5. राशन दुकान का किराया, बिजली बिल एवं आवश्यक स्टेशनरी खर्च उपलब्ध कराया जाए।

6. पोस मशीन, स्कैनर, बैटरी, चार्जर एवं अन्य आवश्यक उपकरण खराब होने पर उनकी मरम्मत अथवा प्रतिस्थापन का खर्च शासन द्वारा वहन किया जाए।

7. राशन वितरण के दौरान बार-बार होने वाली सर्वर एवं नेटवर्क समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

8. सभी उचित मूल्य दुकानों पर आवश्यकतानुसार निःशुल्क वाई-फाई/इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि तकनीकी समस्या के कारण उपभोक्ताओं को राशन वितरण में परेशानी न हो।

9. महिला पीडीएस विक्रेताओं को कमीशन का भुगतान समय पर नियमित रूप से प्रति माह किया जाए, ताकि उन्हें कई-कई महीनों तक भुगतान की प्रतीक्षा न करनी पड़े।

55 जिलों में कलेक्टरों को दिया जाएगा ज्ञापन

श्रीमती माया मनोहर बैरागी ने बताया कि इन सभी मांगों के निराकरण के संबंध में मध्यप्रदेश के 55 जिलों में संयुक्त संगठन मिलकर एक साथ मुख्यमंत्री महोदय एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

संगठन का कहना है कि महिला पीडीएस विक्रेता शासन की महत्वपूर्णजन कल्याणकारी योजना में से एक सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को जिम्मेदारीपूर्वक संचालित कर रही हैं। इसलिए उनकी समस्याओं का समयबद्ध एवं सकारात्मक समाधान किया जाना आवश्यक है।

निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन

संगठन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय में महिला पीडीएस विक्रेताओं की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 1 अक्टूबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 तक राशन वितरण बंद रखते हुए पोस मशीनें बंद करने और धरने पर बैठने का आंदोलन किया जाएगा।

संगठन ने कहा कि यह आंदोलन अपनी जायज मांगों के निराकरण एवं महिला । पीडीएस विक्रेताओं के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए किया जाएगा हमारा संगठन किसी शासन के खिलाफ नहीं है।

उक्त जानकारी महिला स्वयं सहायता समूह संगठन, जिला नीमच की जिला अध्यक्ष श्रीमती माया पाटीदार द्वारा दी गई।

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