पेयजल संकट के बीच वाल्वमैनों की हड़ताल की आहट: पानी को तरस सकती है नीमच की जनता!


नीमच चार माह से वेतन न मिलने से नाराज ठेका कर्मचारी, करीब 15 वाल्वमैन आंदोलन की तैयारी में
(यहाँ वाल्व खोलते हुए कर्मचारी/जल आपूर्ति या खाली बर्तनों की फोटो लगाएं)
नीमच। नगर पालिका क्षेत्र में पहले से ही पेयजल समस्या से जूझ रहे शहरवासियों की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं। एक तरफ जहाँ शहर के विभिन्न इलाकों में गंदे पानी और अनियमित जलापूर्ति की शिकायतें आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर अब शहर की जल वितरण व्यवस्था संभालने वाले ठेका कर्मचारियों ने मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है।
4 महीने से अटका वेतन, आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नगर पालिका द्वारा जलप्रदाय व्यवस्था का ठेका जिस कंपनी को सौंपा गया है, उसके अधीन कार्यरत वाल्वमैनों को समय पर मानदेय नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। हर दिन तड़के 4 बजे से उठकर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने वाले इन कर्मचारियों के सामने अब जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।
अध्यक्ष और सीएमओ से भी लगाई गुहार, पर बेनतीजा
कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी आर्थिक परेशानी और वेतन भुगतान की मांग को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) से भी मुलाकात कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष है।
15 कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से ठप हो सकती है सप्लाई
बताया जा रहा है कि शहर में वाल्व संचालन का जिम्मा संभालने वाले करीब 15 ठेका कर्मचारी अब काम बंद कर हड़ताल पर जाने का मन बना चुके हैं। यदि ये कर्मचारी सामूहिक रूप से काम से अलग होते हैं, तो पूरे नीमच शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा सकती है और जनता को बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज होना पड़ सकता है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
एक ओर जहाँ पहले से ही अनियमित सप्लाई और पानी की गुणवत्ता को लेकर जनता में आक्रोश है, वहीं वाल्वमैनों के हड़ताल पर जाने की आहट ने प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, कर्मचारियों के इन आरोपों और संभावित हड़ताल को लेकर नगर पालिका प्रशासन व संबंधित ठेकेदार कंपनी का आधिकारिक पक्ष आना अभी बाकी है।

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