नीमच। श्रावण मास में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पश्चिम रेलवे द्वारा उज्जैन और भोपाल के बीच एक ही दिन में तीन-तीन जोड़ी अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें चलाने के फैसले को लेकर जिले की राजनीति गरमा गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री तरुण बाहेती ने इस निर्णय को नीमच-मंदसौर संसदीय क्षेत्र की उपेक्षा बताते हुए सांसद सुधीर गुप्ता और क्षेत्रीय भाजपा जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से पर्याप्त रेल सुविधाओं वाले रूट को प्राथमिकता दी गई, जबकि वर्षों से बेहतर रेल संपर्क की मांग कर रहे नीमच-मंदसौर क्षेत्र के लाखों श्रद्धालुओं को एक बार फिर नजरअंदाज कर दिया गया। बाहेती ने कहा कि यह सीधे-सीधे नीमच जिले की जनता की आस्था पर चोट है।
*महाकाल स्पेशल पर भेदभाव का आरोप-*
रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में श्री बाहेती ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें चलाना स्वागत योग्य निर्णय है, लेकिन उज्जैन-भोपाल जैसे पहले से बेहतर रेल संपर्क और रोड़ परिवहन वाले मार्ग पर सर्व सुविधा युक्त अनारक्षित श्रेणी की तीन-तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेनें संचालित कर देना और नीमच-मंदसौर क्षेत्र को पूरी तरह नजरअंदाज करना समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शिवभक्त केवल भोपाल क्षेत्र में ही रहते हैं? उन्होंने कहा कि नीमच और मंदसौर से भी हर वर्ष हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं, लेकिन उनकी सुविधा की ओर किसी का ध्यान नहीं गया।
*एक ट्रेन नीमच से भी चलाई जा सकती थी-*
श्री बाहेती ने कहा कि यदि रेलवे वास्तव में श्रद्धालुओं को राहत देना चाहता था तो कम से कम एक स्पेशल ट्रेन नीमच से भोपाल वाया उज्जैन संचालित की जा सकती थी। इससे नीमच और मंदसौर जिले के श्रद्धालुओं को महाकाल दर्शन के साथ राजधानी भोपाल तक सीधी रेल सुविधा भी मिलती। उन्होंने कहा कि यह मांग पूरी तरह व्यावहारिक थी, लेकिन क्षेत्र के जनप्रतिनिधि इसे रेल मंत्रालय तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंचा सके।
*सांसद की पैरवी पर उठाए सवाल-*
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सांसद सुधीर गुप्ता पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने उन्हें लगातार समर्थन देकर संसद तक पहुंचाया, लेकिन वे अपने संसदीय क्षेत्र के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सांसद सावन जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर अपने क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए एक स्पेशल ट्रेन भी स्वीकृत नहीं करा पाए तो उनकी सक्रियता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जनता अब यह जानना चाहती है कि आखिर उनके प्रतिनिधि दिल्ली में अपने क्षेत्र के अधिकारों के लिए आवाज क्यों नहीं उठा पा रहे हैं। आखिर कब तक नीमच जिला नेताओं की अपेक्षा का शिकार होता रहेगा।
*नई ट्रेनों में भी नीमच को नहीं मिला हक-*
श्री बाहेती ने आरोप लगाया कि रेल सुविधाओं के मामले में नीमच लगातार उपेक्षा का शिकार रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के संचालन और ठहराव में भी क्षेत्र को अपेक्षित महत्व नहीं मिला। विडंबना है की आज भी दिल्ली और हरिद्वार जाने के लिए नीमच से ट्रेन उपलब्ध नहीं हैं।
लंबे समय से नई लंबी दूरी की ट्रेनों, बेहतर रेल कनेक्टिविटी और अन्य सुविधाओं की मांग लंबित है, लेकिन हर बार नीमच को केवल आश्वासन ही मिला। उन्होंने कहा कि यह स्थिति क्षेत्र के विकास के प्रति जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को दर्शाती है।
*जनता अब मांगेगी उपेक्षा का जवाब-*
श्री बाहेती ने कहा कि नीमच के लोग भी करदाता हैं और उन्हें समान रेल सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है। चुनाव के समय विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब उन्हें पूरा करने का समय आता है तो क्षेत्र की आवाज कमजोर पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं की उपेक्षा से लोगों में गहरा आक्रोश है। कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाएगी और रेल मंत्रालय से नीमच-मंदसौर क्षेत्र के लिए महाकाल दर्शन हेतु विशेष ट्रेन चलाने की मांग करती रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता अब लगातार हो रही इस उपेक्षा का जवाब आने वाले समय में जनप्रतिनिधियों से अवश्य मांगेगी।